Gaya ji Shradh में मुख्य रूप से किया जाने वाला कर्म है पिंडदान। इसमें श्रद्धालु अपने पितरों के नाम से चावल, तिल, और जल से बने पिंड बनाकर पवित्र स्थलों पर अर्पित करते हैं।
Shradh Vidhi usually follows these steps:
- Snan (स्नान) – शुभ नदी में स्नान
- Tarpan (तर्पण) – जल और तिल अर्पण
- Pind Daan (पिंडदान) – चावल से बने पिंड पितरों को समर्पित
- Brahman Bhoj (ब्राह्मण भोज) – विद्वान ब्राह्मणों को भोजन
ये सारे कर्म Gayawal Pandits की सहायता से किए जाते हैं, जो पीढ़ियों से इन कर्मों के ज्ञाता हैं।
“In Gaya, every pind offered is a prayer – for peace, for liberation, for ancestral gratitude.”
